Sunday, May 3, 2009

पुरानी गलियों से !!!

आज कितने दिनों बाद , जब गुजरे हम उन पुरानी गलियों से

हर कदम पर जैसे एक , जमाना गुजर रहा था

वो तपती धुप में नंगे पैरो में , याद आता है बहुत आम चुराना

वो यारो का साथ, हाथो में वो हाथ ,

नन्ही हथेलियो में था , खुशियों का खजाना

वो छोटी छोटी बातों की , बड़ी बड़ी खुशियाँ

आज भी लबो पे छोड़ जाती है , तबस्सुम का खजाना

आज कितने दिनों बाद जब गुजरे हम पुरानी उन गलियों से ................

23 comments:

samir said...

mujhko appne purane din yaad aa gaye yar

samir said...

bahut accha likha hai
very gud

श्यामल सुमन said...

पढ़ना मुश्किल हो रहा कैसे करूँ कमेंट।
खूब लिखें आगे बढ़ें माने मुझे प्रजेंट।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जाल-जगत में आपका स्वागत है।
अक्षर पढ़ने में नही आ रहे हैं।

ravikumarswarnkar said...

आपकी मासूम संवेदनाएं....और ज़िंदगी की तल्ख़ सच्चाईयां....
पहले ब्लोग की थीम बदलिये..पढने में तकलीफ़ है..सिर्फ़ आपका मासूम चहरा नज़र आता है...

AlbelaKhatri.com said...

kuchh yaden insan ki zindagi se hamesha judi rahati hain jinme se adhikter isee umar ki hoti hain''
kavita k liye BADHAI
-albela khatri

creativekona said...

Hindi blog Jagat men apka svagat hai.par apke blog ka rang aisa hai..padhne men pareshanee ho rahee hai....
shubhkamnayen.
HemantKumar

Navnit Nirav said...

kuchh sachhaiyan saaph shabdon mein ...achchha laga aapko padhkar.
Navnit Nirav

चंदन कुमार झा said...

चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

गुलमोहर का फूल

BAL SAJAG said...

bahuat achchha likha hai aapne
badhai ho agar aap ye word verification hata de to shayad aur jyada log comment de sakenge. blog ka template badale ya font size badha de to padhane men logo ko subidha rahegi.... u hi likhte rahiye....

श्याम सखा 'श्याम' said...

hum jeete hai masti me ek ek pal
फूलों की बस्ती से दो पल चुरा लेळ हम
भँवरों की मस्ती से दो पल चुरालें हम
मेरे ब्लॉग
http://gazalkbahane.blogspot.com/ कम से कम दो गज़ल [वज्न सहित] हर सप्ताह
http:/katha-kavita.blogspot.com/ दो छंद मुक्त कविता हर सप्ताह कभी-कभी लघु-कथा या कथा का छौंक भी मिलेगा
सस्नेह
अच्छा हो कि word verification हटा लें
श्यामसखा‘श्याम

RAJNISH PARIHAR said...

आप बहुत अच्छा. लिखती है.....kripya blog ke color set karen..

नारदमुनि said...

narayan narayan narayan

gargi gupta said...

आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है

गार्गी
www.abhivyakti.tk

Abhi said...

Hye,
Check this cool link
http://jabhi.blogspot.com

VisH said...

sabse pahle to mujhe ye jo blog title hai achha laga DOSTI ke pal...wahhhh jo bhi likha bahut sahi likha hai.....mere blog par bhi kuch alag aapka swagat kar raha hai.....pdharen

Jai Ho Mangalmay Ho...

Writer-Director said...

Aapne kaise jana ke main kuchh din pehle apne haon jakar aaya hoon.....

भूतनाथ said...

..............क्या बात है......अपुन को बहुत मज्जा आया....अपुन जो इधर को आया.....आपने कविता का जो राग सुनाया....

Manoj Kumar Soni said...

बहुत अच्छा लिखा है . मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
http://www.manojsoni.co.nr
and
http://www.lifeplan.co.nr

SWAPN said...

achchi rachna. blog jagat men swagat hai.

abhishek said...

nange pair thi tto tumhe chappal pahenni chahiye tthi,aam churaye tthe tto aam nahi churane chahiye tthe , magar aap muskarai tthi tto aise hi hamesha muskuraiyega.
BEST OF LUCK.

दिल दुखता है... said...

हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका तहेदिल से स्वागत है.... subject is very good.

रचना गौड़ ’भारती’ said...

बहुत सुन्दर लिखा है। बधाई स्वीकारें। मेरे ब्लोग पर आने की जहमत उठाएं। शुभकामनाएं।